Monday, June 21, 2010

गोधाम पथमेड़ा के बहुआयामी ‘‘पृथ्वीमेड़ा पंचगव्य उत्पाद प्रा.लि.’’ का हुआ संतवृंदों के करकमलों से उद्घाटन। हजारों गोभक्त-श्रद्धालु भी पधारे।


गोधाम पथमेड़ा के अति विशिष्ठ ग्रामीण रोजगारोन्मखी तथा क्षैत्र में गोपालन को बढ़ावा देने वाले प्रकल्प ‘‘पृथ्वीमेड़ा पंचगव्य उत्पाद प्रा.लि.’’ का विधिवत उद्घाटन 21 जुलाई 2010 को प्रातः 9 बजे सम्पन्न हुआ। मलूकपीठाधीश्वर प.पू. श्रीराजेन्द्रदासजी महाराज, परम श्रद्धेय स्वामी श्रीदत्तशरणानन्दजी महाराज, प.पू. सागरीया बाबा, प.पू. बालव्यास श्रीराधाकृष्णजी महाराज, प.पू. श्रीदिनेशगिरीजी महाराज, प.पू. श्रीजगदीशचैतन्यजी महाराज, प.पू. श्रीज्ञानानन्दजी महाराज आदि संतवृंदों के सामूहिक कर-कमलों से हुए उद्घाटन समारोह में हजारों गोपालक, गोभक्त एवं गोसेवक भी शामिल हुए।



डेयरी के उद्घाटन में वैदिक मंत्रोंच्यार के साथ पूजन में मुख्य यजमान श्रीमेघराजजी मोदी रहे तथा आगरा के प्रसिद्ध गोभक्त उधोगपति श्रीपुरूषोत्तमजी अग्रवाल ने दीप प्रज्जवल कर श्री गणेश किया। मलूकपीठाधीश्वर श्रीराजेन्द्रदासजी महाराज की अगुवाई में सभी संतवृंदों ने सामूहिक बटन दबाकर डेयरी प्लांट को प्रारम्भ किया तथा बाद में साथ ही संचालित रसगुल्ला प्लांट की मशीनों सहित सभी उपकरणों का भी मूहर्त संतों के कर कमलों से उद्घाटन हुआ।

इस अवसर पर उपरोक्त प्रमुख संतवृदों के अलावा प.पू. श्रीरघुनाथभारतीजी महाराज-सिणधरी, ब्रह्मचारी श्रीगोविन्दवल्लवजी महाराज, ब्रह्मचारी श्रीमनसुखजी महाराज, ब्रह्मचारी श्रीबलदेवजी महाराज, ब्रह्मचारी श्रीऋषिजी महाराज, ब्रह्मचारी श्रीअशोकजी महाराज आदि संतवृंद तथा सुप्रसिद्ध गोविज्ञानिक एवं उद्योगपती श्रीपुरूषोत्तमजी अग्रवाल-आगरा, डेयरी के प्रमुख प्रभारी श्रीश्यामसुन्दर पुरोहित, राष्ट्रीय महामंत्री एवं प्रवक्ता श्रीपूनम राजपुरोहित मानवताधर्मी’’, संस्था के राष्ट्रीय मंत्री श्रीजानकी प्रसाद गुप्ता, श्रीदेवारामजी -कैलाश नगर, श्रीहब्तारामजी-सांथु, श्रीदेवारामजी डिगारी-अहमदाबाद, श्रीरामनिवासजी अग्रवाल-अहमदाबाद, श्रीगुमानसिंहजी-चैन्नई श्रीसुखराजजी-सांकरणा, श्रीभाखरारामजी विश्नोई, श्रीचैधरीजी- बड़सम संरपच, श्रीकेवलाजी-प्रवीणजी पुरोहित, श्रीनरपतसिंहजी राजपुरोहित, डा. श्रीभंवरसिंहजी-नोखा, श्रीअलोक सिंघल- बाड़मेर आदि सैंकड़ों वरिष्ठ कामधेनु कल्याण परिवार से जुड़े गोभक्त भी उपस्थिति थे।





पंचगव्य गोउत्पाद डेयरी की स्थापना क्यों की गई? राष्ट्रीय महामंत्री श्रीराजपुरोहित ने इसके भविष्य में मिलने वाले राष्ट्रव्यापी लाभ गिनाएः-

गोपालन तथा जैविक कृषि आधारित ग्रामीण रोजगार के मार्ग खुलेगें, स्वास्थ्य सहित चहुँमुखी विकास का मार्ग प्रशस्त होगा। पूरा राष्ट्र करेगा इस प्रकल्प का अनुकरण तथा भविष्य में गोदुग्ध के साथ-साथ गोमूत्र एवं गोबर आधारित उद्योग भी आयेगें आस्तित्व में। घर-घर गाय होगी, सात्त्विकता व संस्कारों को मिलेगा प्रोत्साहन।

गोधाम के राष्ट्रीय महामंत्री एवं प्रवक्ता ने मीडिया पत्रकारों से बातचीत करते हुए ‘‘ पृथ्वीमेड़ा पंचगव्य उत्पाद प्रा.लि.’’ की स्थापना के संदर्भ में विस्तार से प्रकाश डाला।

श्रीराजपुरोहित ने बताया कि गोधाम पथमेड़ा का संस्थापक एवं प्रधान संरक्षक प.श्रद्धेय श्रीदत्तशरणानन्दजी महाराज को सदैव से संकल्प रहा है कि गोसंरक्षण, गोपालन, गोसंवर्धन, पंचगव्य परिश्करण व विनियोग को राष्ट्रव्यापी स्वरूप में प्रेरणादायी एवं अनुकरणीय बनाकर ही गोपालन को बढ़ाया जा सकता। इस प्रकल्प के शुभारम्भ तथा बेहतर संचालन से राष्ट्र भर में संदेश जायेगा कि गोमाता के पंचगव्य उत्पादों की मांग है तथा गोकेन्द्रित उद्योग भी सफल हो सकते है। इस प्रेरणा से देशभर में गोदुग्ध एवं पंचगव्य आधारित केन्द्रों कि स्थापना की प्रेरणा अनेकानेक क्षेत्रों के गोसेवकों की मिली।

श्रीराजपुरोहित ने कहा कि हजारों गांवों में इस प्रकल्प के माध्यम से दुधारू प्राणी के रूप में गोमाता को स्थापित करने तथा गोपालन व गो-आधारित कृषि से ग्रामिण राजगारोन्मुखी उद्योगों की स्थापना होगी। शुद्ध जैविक खेती का मार्ग प्रषस्त होगा एवं पानी की बचत, वायु की शुद्धता और ऊर्जा के साधन बढ़ेगे। गोपालन बढ़ने से जनसाधारण का स्वास्थ्य सुधरेगा प्राकृतिक वातावरण संतुलन एवं सात्त्विकता बढ़ेगी।

श्रीराजपुरोहित ने आज के दिन को सांचोरवासियों के लिए गोरवान्वित होने वाला बताया क्योंकि यह प्रकल्प पुरे राष्ट्र में आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक, शैक्षिक, कृषि, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा, खाद, ऊर्जा आदि सभी विषयों पर एक महान पहल के रूप में ‘‘ आदर्श’’ सिद्ध होने वाला है।

श्रीराजपुरोहित ने स्पष्ट किया कि प्रारम्भ में ‘‘पृथ्वीमेड़ा पंचगव्य उत्पाद प्रा.लि.’’ सांचैर सहित जालोर, सिरोही व बनासकांठा के कस्बों और जोधपुर व अहमदाबाद आदि कुछ शहरों में गोदुग्ध, छाछ व गोघृत उपलब्ध करने जा रहा है। परन्तु आने वाले कुछ ही समय में यह कार्य राष्ट्रव्यापी स्वरूप ले लेगा। उन्होंने कहाकि इस प्रकल्प की स्थापना के बाद धर्मनिष्ठ गोभक्त गर्व से कह सकते है कि आज हमारे पास हवन-यज्ञ एवं औषधि आदि के लिए शुद्ध देशी गाय का गोघृत उपलब्ध है।

श्रीराजपुरोहित ने बताया कि इस डेयरी प्रकल्प में गोदुग्ध गोशालाओं अथवा पथमेड़ा गोशाला से नही के बराबर ही आता है। वास्तव में लगभग 400 गांवों से जिन गोपालक किसानों के घर दुघारू प्राणी के रूप में गाय ही है, उनसे बाजार भाव से पाँच रूपये किलो मंहगा खरीदा जा रहा है। दुध ही नहीं भविष्य में गोमूत्र एवं गोबर भी गोपालकों से खरीदा जायेगा ताकि वास्तविक गोकेन्द्रित आर्थिक क्रान्ति आ सके। ऐसा होने पर गोमाता को कोई भी खुला नहीं छोड़ेगा और यह इस प्रकल्प का मूल ध्यय एवं परम श्रद्धेय स्वामी श्रीदत्तशरणानन्दजी महाराज का संकल्प है।

No comments:

Indian Railway reservation

Word of the Day

Quote of the Day

Article of the Day

This Day in History

Today's Birthday

In the News

*
*
*
*
*
*
contact form faq verification image

Web forms generated by 123ContactForm


Sudoku Puzzles by SudokuPuzz

IPO India Information (BSE / NSE)

Stock Indexes (BSE / NSE)

There was an error in this gadget
 
Blog Maintain and designed By तरूण जोशी "नारद"